बरसाती आपदा ने उजाड़ी सिंचाई नहर, किसानों ने तत्काल मरम्मत और स्थायी जीर्णोद्धार की मांग उठाई

भीमताल क्षेत्र में बरसात की आपदा से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई बिलासपुर–नौकुचियाताल सिंचाई नहर किसानों के लिए संकट बनी हुई है। करीब 5 किलोमीटर लंबी यह नहर कई जगहों पर टूट चुकी है, गाद और झाड़ियों से भर गई है तथा नौकुचियाताल तक इसका अंतिम हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।

बिलासपुर, नौलधारा, वार्ड 3 और 4 के किसान वर्षों से इस नहर के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते नहर का जीर्णोद्धार नहीं हुआ तो रबी की फसलें भी प्रभावित होंगी।

सामाजिक कार्यकर्ता पूरन बृजवासी ने सिंचाई विभाग से आग्रह किया है कि नहर के हेड से ट्रेल तक पूर्ण जीर्णोद्धार हेतु विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को तत्काल भेजा जाए। उन्होंने कहा—
“यह नहर क्षेत्र की जीवनरेखा है, किसानों की आर्थिक स्थिति और कृषि उत्पादकता इसी पर निर्भर है।”

विभागीय सूत्रों के अनुसार, नहर की मरम्मत का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा। किसानों और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से भी तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि सैकड़ों परिवारों को राहत मिल सके।

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