जनता के बीच ‘मोहनदा’ की मजबूत पहचान, विकास और सादगी से बनाई अलग सियासी छवि

हल्द्वानी/ लालकुआं। उत्तराखंड की राजनीति में कुछ जनप्रतिनिधि अपनी सादगी, सहजता और आम लोगों से निरंतर जुड़े रहने के कारण अलग पहचान रखते हैं। लालकुआं से विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट उन्हीं नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें क्षेत्र में लोग स्नेहपूर्वक ‘मोहनदा’ के नाम से जानते हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत को करीब 28 हजार मतों के अंतर से पराजित कर विधानसभा में प्रभावशाली जीत दर्ज की थी। लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे डॉ. बिष्ट ने राजनीति में भी अपनी अलग कार्यशैली स्थापित की है।

क्षेत्रीय लोगों के अनुसार डॉ. मोहन सिंह बिष्ट हर सुख-दुख में लोगों के साथ खड़े नजर आते हैं। शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन, सामाजिक कार्यक्रम या किसी परिवार पर आई विपत्ति—हर अवसर पर उनकी मौजूदगी उन्हें आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाती है। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि वे लोगों से उनकी अपनी कुमाऊंनी भाषा में संवाद करते हैं, जिससे जनता से उनका आत्मीय जुड़ाव और मजबूत हुआ है।

विधायक बनने के बाद उन्होंने गौलापार, बिंदुखत्ता, हल्दूचौड़ सहित पूरे लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई विकास कार्यों को गति दी है। हल्दूचौड़ स्थित अपने आवास पर वे प्रतिदिन लोगों की समस्याएं सुनते हैं और इसके बाद स्वयं क्षेत्र का भ्रमण कर जनसमस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. बिष्ट ने क्षेत्र के विकास को व्यक्तिगत सुविधाओं से ऊपर रखा। उनका मानना है कि उन्होंने अपने आवास के आसपास की सड़क से पहले अन्य क्षेत्रों के विकास कार्यों को प्राथमिकता देकर जनहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वर्ष 2022 से अब तक किए गए विकास कार्यों और जनता के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी का लाभ उन्हें भविष्य की राजनीति में मिल सकता है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जैसी बड़ी राजनीतिक हस्ती को हराकर डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने यह भी साबित किया कि लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत हुई है।

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