उत्तराखंड में बादल फटने का कहर : रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी में तबाही, जनजीवन अस्त-व्यस्त

उत्तराखंड के कई जिलों में बादल फटने से भारी तबाही मची है। तेज बारिश और मलबे के कारण कई जगहों पर जनहानि हुई है, जबकि लोग दहशत में हैं।

👉 रुद्रप्रयाग जिले के टेंडवाल गांव में मलबे में दबकर एक महिला की मौत हो गई, वहीं 18 से 20 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिले के जखोली ब्लॉक के छेनागाड़ और बांगर सहित कई गांवों में अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है।

👉 चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में भी बादल फटने की घटना सामने आई। यहां एक दंपत्ति लापता है और दो लोग घायल हुए हैं। लगभग 20 मवेशी भी मलबे में दब गए।
मोपाटा गांव में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। इनके घर और गोशाला मलबे में दब गए, साथ ही 15 से 20 पशुओं के मरने की सूचना है।

👉 हालात को देखते हुए चमोली जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। लगातार बारिश से देवाल और थराली में रास्ते टूट गए हैं। कर्णप्रयाग के कालेश्वर क्षेत्र में पहाड़ से आया मलबा कई घरों में घुस गया। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सुभाषनगर में बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है।

👉 टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव में भी बादल फटा। हालांकि यहां जनहानि नहीं हुई, लेकिन कृषि भूमि, पेयजल लाइन और विद्युत लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई पैदल पुल और रास्ते टूट जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

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