उत्तराखंड-नेपाल सीमा पर रोहिंग्या घुसपैठ अलर्ट, दोनों देशों की एजेंसियां हाई अलर्ट पर

उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया शुरू होते ही नेपाल ने रोहिंग्या शरणार्थियों की घुसपैठ को लेकर चिंता जताई है। नेपाल प्रशासन ने सभी सीमा चौकियों पर अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी है। नेपाली अधिकारियों का कहना है कि भारत में बढ़ती सख्ती के बाद रोहिंग्या शरणार्थियों के मजदूर बनकर नेपाल में प्रवेश करने की आशंका गहराई है।

नेपाल त्रिनगर सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख और सशस्त्र पुलिस उपाधीक्षक धीरेंद्र शाह ने बताया कि रोहिंग्याओं द्वारा भारतीय आधार कार्ड का इस्तेमाल कर नेपाल की सीमा पार करने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। सीमा पर डॉग स्क्वायड और अन्य सुरक्षा टीमें मुस्तैद हैं। नेपाल ने आदेश जारी किए हैं कि भारत से प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों की कड़ी जांच की जाए और संदिग्धों की तलाशी अनिवार्य रूप से हो।

इधर कैलाली जिले में खुले सीमा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। सहायक मुख्य जिला अधिकारी किरण जोशी और मुख्य जिला अधिकारी लक्ष्मण ढकाल ने बताया कि चंपावत के बनबसा से सटी कंचनपुर की गड्डाचौकी चौकी पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पिथौरागढ़ के दार्चुला और बैतड़ी क्षेत्रों में भी चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल ने स्वयं धनगढ़ी और त्रिनगर सीमा चौकियों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। सुरक्षा संगोष्ठी के दौरान भी उन्होंने सीमा पार गतिविधियों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए।

रोहिंग्या घुसपैठ की आशंका को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने भारत से भी सहयोग की अपील की है। नेपाल ने भारत की एसएसबी से किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करने का अनुरोध किया है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध रूप से कोई भी रोहिंग्या नेपाल में प्रवेश न कर सके, इसके लिए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी है।

एसआईआर प्रक्रिया के बीच भारत में बूथ मैपिंग और पुलिस सत्यापन अभियान भी जारी है, जिसके चलते सीमा पर और अधिक सतर्कता बरती जा रही है।

ADVERTISEMENTS Ad

सम्बंधित खबरें