Red Fort Terror Attack EXCLUSIVE: डॉक्टर उमर की साजिश से हिला दिल्ली, फरीदाबाद मॉड्यूल से पाकिस्तान तक जुड़ा आतंकी नेटवर्क

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के दिल — लाल किला मेट्रो स्टेशन — के बाहर हुआ भीषण धमाका अब एक संगठित आतंकी साजिश के रूप में सामने आया है। जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि इस हमले के पीछे फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का मास्टरमाइंड डॉक्टर उमर मोहम्मद था, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए आत्मघाती हमला कर डाला।

धमाके में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हैं। मौके पर मची अफरातफरी के बीच बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड, फोरेंसिक टीम, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए की टीमें जांच में जुटी हैं।

डॉक्टर उमर मोहम्मद — ‘हीलर’ से ‘किलर’ बना आतंकी डॉक्टर

जांच में सामने आया है कि डॉक्टर उमर मोहम्मद मूल रूप से कश्मीर के बडगाम का रहने वाला है। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ और धीरे-धीरे आतंकी संगठनों के संपर्क में आ गया।

पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने फरीदाबाद में एक निजी क्लिनिक खोला, जो असल में आतंकी ठिकाने के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। क्लिनिक की आड़ में वह हथियार और विस्फोटक सामग्री तैयार करता था। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए ने क्लिनिक से केमिकल विस्फोटक और डिटोनेटर बनाने का पूरा सेटअप बरामद किया है।

छापेमारी से घबराया, कार में लगाया बम

पिछले कुछ हफ्तों से हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में एजेंसियों की लगातार छापेमारी चल रही थी। उमर को डर था कि उसकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। गिरफ्तारी से बचने और “मैसेज देने” के मकसद से उसने जल्दबाज़ी में अपनी कार में ही विस्फोटक लगाया और सीधे दिल्ली पहुंच गया।

रविवार शाम करीब 5 बजे उसने लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के बाहर मैन्युअली डिटोनेटर ट्रिगर कर दिया। धमाका इतना तेज़ था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे उड़ गए और कई राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गए।

जांच में बड़े खुलासे — फर्जी नंबर प्लेट और एन्क्रिप्टेड चैटिंग ऐप

शुरुआती जांच में पाया गया है कि हमले में इस्तेमाल कार फर्जी नंबर प्लेट पर चल रही थी। विस्फोटक फरीदाबाद के निजी क्लिनिक में ही तैयार किया गया था। धमाके से कुछ देर पहले उमर ने अपने साथियों से एन्क्रिप्टेड चैटिंग ऐप के ज़रिए बात की थी।

एनआईए की जांच में फरीदाबाद मॉड्यूल के जरिए पाकिस्तान और आईएसआई नेटवर्क से कनेक्शन के भी ठोस सबूत मिले हैं। एजेंसियां मान रही हैं कि यह हमला भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान — लाल किला — को निशाना बनाकर भारत को धमकाने की साजिश थी।

दो और संदिग्धों की पहचान, देशभर में हाई अलर्ट

सीसीटीवी फुटेज में उमर के साथ दो अन्य संदिग्धों की मौजूदगी भी सामने आई है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि उमर के नेटवर्क से जुड़े कुछ स्लीपर सेल अभी भी सक्रिय हैं, जो आने वाले दिनों में किसी बड़े हमले की साजिश रच सकते हैं।

लाल किला धमाका — भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा सबक

यह हमला केवल एक धमाका नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए गहरी चेतावनी है। फरीदाबाद से लेकर दिल्ली तक फैला यह नेटवर्क दिखाता है कि आतंकी मॉड्यूल देश के भीतर कितनी गहराई तक जड़ें जमा चुके हैं।

अब दिल्ली पुलिस, एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो मिलकर इस नेटवर्क के हर सदस्य तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
राजधानी समेत कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रूप से कड़ी कर दी गई है।

एक डॉक्टर, जिसने ज़िंदगियाँ बचाने की कसम खाई थी — अब वही मौत का सौदागर बन गया।”

लाल किला ब्लास्ट ने एक बार फिर दिखा दिया है कि आतंकवाद का चेहरा अब कितना बदल चुका है —
कभी पढ़े-लिखे नौजवान, कभी डॉक्टर, कभी इंजीनियर — और कभी आम नागरिक — जो विचारधारा की आग में झुलसकर खुद विनाश का प्रतीक बन जाते हैं।

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