हल्द्वानी की ‘ट्रैफिक लेडी’ नूतन तिवारी: अनुशासन, सेवा और समर्पण की मिसाल”

हल्द्वानी। शहर की लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना यातायात पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में महिला ट्रैफिक पुलिसकर्मी नूतन तिवारी अपनी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सेवा भावना के कारण लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुकी हैं।

हल्द्वानी के व्यस्त चौराहों पर दिन-रात ट्रैफिक को सुचारु रूप से संचालित करने में नूतन तिवारी की अहम भूमिका रहती है। शहर में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो उन्हें न जानता हो। वे हर मौसम और हर परिस्थिति में पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं।

हल्द्वानी में तैनाती से पहले नूतन तिवारी हरिद्वार जैसे व्यस्त शहर में भी यातायात व्यवस्था संभाल चुकी हैं। अपने अनुभव और कुशल कार्यशैली के कारण उन्हें अक्सर उन चौराहों पर तैनात किया जाता है, जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे अधिक होता है।

नूतन तिवारी का कहना है कि यदि लोग यातायात नियमों का पालन करें, अपनी लेन में वाहन चलाएं और तेज गति से वाहन न दौड़ाएं, तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें, क्योंकि यह उनके साथ-साथ दूसरों की जान के लिए भी खतरा बन सकता है।

कर्तव्य के साथ-साथ नूतन तिवारी अपनी संवेदनशीलता के लिए भी जानी जाती हैं। वे प्रतिदिन आवारा और बेसहारा कुत्तों को बिस्कुट व अन्य खाद्य सामग्री खिलाती हैं तथा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी हमेशा तत्पर रहती हैं।

कोरोना महामारी के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा अपने सराहनीय कार्यों, अनुशासित सेवा और समाज के प्रति समर्पण के लिए भी उन्हें समय-समय पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जाता रहा है।

नूतन तिवारी का समर्पण, अनुशासन और मानवीय संवेदनाएं उन्हें केवल एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनाती हैं।

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