
निकायों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध, विकास कार्यों में नहीं आने दी जाएगी कोई बाधा: मंत्री राम सिंह कैड़ा
भीमताल। उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भीमताल स्थित अनंत विला रिजॉर्ट में आयोजित प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। बैठक में नगर निकायों के अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी, विभागीय वरिष्ठ अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मंत्री ने कहा कि नगर निकायों के जनप्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण सेतु हैं। इसलिए उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निकायों से जुड़े सभी लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कूड़ा संग्रहण वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही इन वाहनों की निगरानी और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है।
मंत्री ने कहा कि नगर निकायों में लंबे समय से रिक्त पड़े अधिशासी अधिकारी, अपर अभियंता और राजस्व निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं, जिससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
उन्होंने सभी नगर निकायों से अपने राजस्व स्रोत बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि वित्तीय रूप से मजबूत निकाय ही जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए स्थानीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग और राजस्व बढ़ाने के नए उपाय अपनाने होंगे।
बैठक में मंत्री ने नगर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, सड़क सुधार, विद्युत, पेयजल एवं गैस पाइपलाइन को भूमिगत करने, डंपिंग जोन विकसित करने, गौशालाओं के निर्माण तथा अन्य विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पर्याप्त संख्या में शेल्टर होम विकसित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। निकाय प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी गंभीरता से प्रयास करेगी और उनके सुझावों को योजनाओं में शामिल किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि संवाद और समन्वय ही समस्याओं के समाधान की सबसे प्रभावी कुंजी है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार की समीक्षा बैठकों का नियमित आयोजन किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों की सतत निगरानी के साथ जनहित की योजनाएं समयबद्ध ढंग से पूरी हो सकें।
बैठक में विभिन्न नगर निकायों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, स्वच्छता प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और शहरी विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर प्रदेश के सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, सचिव, अपर सचिव विनोद गिरी गोस्वामी, अधिशासी अधिकारी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









