बाड़ेछीना रामलीला में राम जन्म से वनवास तक के प्रसंगों का मंचन

सीता स्वयंवर, शिव धनुष भंग और चारों भाइयों के विवाह का मंचन देख भावविभोर हुए दर्शक, पांचवें दिन होगा राम-सीता-लक्ष्मण के वन गमन का मंचन

बाड़ेछीना (अल्मोड़ा)। बाड़ेछीना में आयोजित चार दिवसीय रामलीला में भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर माता सीता के स्वयंवर, चारों भाइयों के विवाह और श्रीराम के वनवास तक के प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। स्थानीय कलाकारों ने रामायण के विभिन्न पात्रों का जीवंत अभिनय कर दर्शकों को रामकथा के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया।

रामलीला के प्रथम दिवस रावण, कुंभकर्ण और विभीषण की भगवान शिव के प्रति तपस्या, ऋषि-मुनियों को परेशान करने तथा भगवान श्रीराम के जन्म के प्रसंगों का मंचन किया गया। दूसरे दिन माता सीता के जन्म, महर्षि विश्वामित्र द्वारा राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगने, ताड़का वध, सुबाहु-मारीच से युद्ध और अहिल्या उद्धार के दृश्य प्रस्तुत किए गए।

तीसरे दिन सीता स्वयंवर का भव्य मंचन हुआ। इस दौरान रावण और बाणासुर के बीच संवाद, भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करने, राम-सीता के वरमाला प्रसंग तथा परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं चौथे दिन राजा जनक की ओर से विवाह का निमंत्रण मिलने के बाद चारों भाइयों के विवाह का मंचन किया गया। इसके बाद मंथरा द्वारा कैकेयी को भड़काने और कैकेयी की ओर से राजा दशरथ से श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। माता सीता और लक्ष्मण ने भी श्रीराम के साथ वन जाने की इच्छा जताई।

बाड़ेछीना रामलीला ग्राउंड में प्रतिदिन रात आठ बजे से रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। 30 अक्टूबर को पांचवें दिवस पर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वन गमन का मंचन किया जाएगा।

रामलीला में भगवान श्रीराम की भूमिका दीपांशु सलाल, लक्ष्मण की ललित बिष्ट, रावण की गोपाल मेहरा, कुंभकर्ण की आशीष बिष्ट और विभीषण की गोपाल जीना ने निभाई। वहीं महर्षि विश्वामित्र एवं मंथरा की भूमिका आकाश बहुगुणा, राजा दशरथ की उमेद सिंह गैड़ा, गुरु वशिष्ठ की विक्की कुमार, राजा जनक की तारादत्त भट्ट तथा माता सीता की भूमिका अनामिका ने निभाई।

इसके अलावा ताड़का के रूप में शंकर सुप्याल, मारीच के रूप में हर्षित, सुबाहु के रूप में नीरज मटेला, अहिल्या के रूप में सपना, कौशल्या एवं सुनैना के रूप में रीतिका जोशी और मां गौरी के रूप में अंजलि ने अभिनय किया। रामलीला में सूत्रधार की भूमिका प्रकाश चंद्र भट्ट ने निभाई।

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