अल्मोड़ा में IIM काशीपुर के MBA छात्रों का ग्रामीण अध्ययन

अल्मोड़ा। आईआईएम काशीपुर के एमबीए विद्यार्थियों ने पांच दिवसीय क्षेत्रीय अध्ययन के दौरान ग्रामीण विकास की जमीनी हकीकत को करीब से समझा। 21 से 25 सितंबर 2026 तक आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने ग्राम पंचायत दियारी, कुजागूठ और बीना क्षेत्र का भ्रमण किया।

राष्ट्रीय जनहित सेवा संस्थान के सहयोग से हुए इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, ग्रामीण आजीविका, स्वयं सहायता समूहों, कृषि और कौशल विकास की वास्तविक स्थिति को समझना था। विद्यार्थियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए डैम और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों की जानकारी ली।

विद्यार्थियों ने स्वयं सहायता समूहों की कृषि गतिविधियों और सॉफ्ट टॉय निर्माण प्रशिक्षण का भी अध्ययन किया। अध्ययन के दौरान उन्होंने पाया कि ग्रामीण विकास के लिए केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके रखरखाव, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय लोगों की सक्रिय भूमिका भी जरूरी है।

क्षेत्रीय भ्रमण में विद्यार्थियों ने यह भी समझा कि जल संरक्षण को कृषि और आजीविका से जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। महिलाओं और युवाओं के कौशल विकास को स्थानीय रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में आईआईएम काशीपुर के विद्यार्थी वंश गोयल, हर्ष तनेजा, अनुष्का मीणा और कृतिका चौधरी शामिल रहे। राष्ट्रीय जनहित सेवा संस्थान की ओर से प्रकाश चन्द्र तिवारी और आशा नेगी ने विद्यार्थियों को ग्रामीण विकास से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी।

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