हम शर्मिंदा हैं क्योंकि अपराधी जिंदा हैं” — राष्ट्रपति को पत्र भेज कांग्रेस ने पेपर लीक और छात्र दमन पर उठाए सवाल

हल्द्वानी। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और छात्र आंदोलनों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने बढ़ती असहिष्णुता, छात्रों पर लाठीचार्ज और संविधान प्रदत्त अधिकारों के हनन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

बल्यूटिया ने अपने पत्र में लिखा कि जंतर-मंतर सहित विभिन्न स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग, हिरासत और दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक ने लाखों अभ्यर्थियों और उनके परिवारों का परीक्षा प्रणाली से विश्वास तोड़ दिया है।

पत्र में उन्होंने कहा कि जब लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले युवाओं पर लाठियां बरसाई जाती हैं, तो यह संदेश जाता है कि अपने ही देश में सच बोलना अपराध बन गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निराशा के माहौल में कई छात्र आत्मघाती कदम उठाने तक मजबूर हुए, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।

अपने पत्र में दीपक बल्यूटिया ने भावनात्मक शब्दों में लिखा, “हम शर्मिंदा हैं क्योंकि अपराधी जिंदा हैं।” उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो तथा छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस ने इसे युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए केंद्र सरकार से भी जवाबदेही तय करने की मांग की है।

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