डिजिटल युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती : पाठक

हल्द्वानी। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पर्वतीय पत्रकार महासंघ, उत्तराखंड की ओर से हल्द्वानी में “डिजिटल युग में हिंदी पत्रकारिता : चुनौतियां, अवसर और जिम्मेदारियां” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों, युवा पत्रकारों, शिक्षाविदों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रतिभाग किया।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पाठक ने कहा कि डिजिटल युग ने पत्रकारिता को नई गति और व्यापक पहुंच प्रदान की है, लेकिन इसके साथ ही फेक न्यूज, अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार और विश्वसनीयता के संकट जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है और उन्हें तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचारों का प्रकाशन एवं प्रसारण करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में तकनीकी संसाधनों का सकारात्मक उपयोग करते हुए पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों,निष्पक्षता, सत्यता और जनहित को बनाए रखना आवश्यक है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, सोशल मीडिया की भूमिका, पत्रकारिता की नैतिकता तथा बदलते मीडिया परिदृश्य पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि नई तकनीकों के साथ तालमेल बैठाते हुए हिंदी पत्रकारिता को अपनी विश्वसनीयता और सामाजिक सरोकारों को और अधिक मजबूत करना होगा।

संगोष्ठी के अंत में हिंदी पत्रकारिता के विकास और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों को लेकर सार्थक चर्चा हुई तथा पत्रकारिता के उच्च मानकों को बनाए रखने का संकल्प लिया गया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार भगवान सिंह गंगोला, जिला सूचना अधिकारी गिरजा जोशी, पूर्व राज्य आंदोलंकारी हरीश पनेरू,उपाध्यक्ष मदन मोहन पाठक, अजय उप्रेती, राजेंद्र पंत, रमाकांत,मुन्ना अंसारी ,दीपक मनरल, आनंद बत्रा,दया जोशी,प्रमोद बमेठा, तारु तिवारी, जसवीर सिंह,सुरेंद्र मौर्या, समेत कई पत्रकार कलमकार मौजूद रहे।

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