
दीपावली से पहले हल्द्वानी में बिजली कटौती, 14 से 30 अक्टूबर तक चलेगा मेंटेनेंस; बनभूलपुरा में बिजली चोरी रोकने को खर्च होंगे 3 करोड़
हल्द्वानी। दीपावली के त्योहार पर शहर को रोशनी से जगमग रखने और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहार के दौरान बिजली व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से निगम की ओर से बिजलीघरों से जुड़े फीडरों और विद्युत लाइनों का रखरखाव किया जाएगा। इसके चलते बुधवार, 14 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। निर्धारित रोस्टर के अनुसार संबंधित क्षेत्रों में सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रह सकती है। दीपावली से पहले बाजारों में बढ़ती रौनक और घरों में चल रही तैयारियों के बीच बिजली कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ऊर्जा निगम की ओर से जारी रोस्टर के अनुसार 14 अक्टूबर को राजपुरा और तिकोनिया फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। निगम का कहना है कि दीपावली के दौरान बिजली की मांग बढ़ने और किसी तरह की तकनीकी समस्या से बचने के लिए पहले से ही लाइनों और फीडरों का मेंटेनेंस किया जा रहा है। इसके तहत आवश्यक मरम्मत और रखरखाव के कार्य पूरे किए जाएंगे, ताकि त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके। अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं को बिजली कटौती की पूर्व सूचना दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय से अधिक देर तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है या किसी अन्य प्रकार की विद्युत संबंधी समस्या आती है तो उपभोक्ता ऊर्जा निगम की टोल फ्री हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
वहीं, हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए ऊर्जा निगम ने बड़ी योजना तैयार की है। क्षेत्र में बिजली चोरी रोकने और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत बिजली के खंभे से उपभोक्ताओं के मीटर तक आर्मर्ड केबल लगाई जाएगी। योजना के अंतर्गत लगभग 350 किलोमीटर लंबी केबल बिछाने की तैयारी है। इसके साथ ही क्षेत्र के घरों के बाहर स्मार्ट मीटर भी लगाए जाएंगे, जिससे बिजली की खपत पर निगरानी रखने और अनियमितताओं को पकड़ने में मदद मिलेगी।
बनभूलपुरा में बीते सोमवार को ऊर्जा निगम की सात टीमों ने एक साथ अभियान चलाकर घरों और प्रतिष्ठानों में बिजली कनेक्शनों की जांच की थी। इस दौरान 108 घरों में बिजली चोरी के मामले सामने आए। जांच में पता चला कि कई स्थानों पर बिजली के खंभे से घर तक आने वाली लाइन में कट लगाकर और मीटरों से छेड़छाड़ करके बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस तरह की गतिविधियों से निगम को राजस्व का नुकसान होने के साथ ही विद्युत व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। इसी समस्या से निपटने के लिए अब क्षेत्र में आर्मर्ड केबल लगाने का निर्णय लिया गया है।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार आर्मर्ड केबल के ऊपर मजबूत धातु का आवरण होता है, जिससे उसके साथ छेड़छाड़ करना सामान्य केबल की तुलना में मुश्किल होता है। इस केबल को काटकर बिजली चोरी करने की कोशिश करने पर शॉर्ट सर्किट या अन्य विद्युत खराबी का खतरा पैदा हो सकता है। इससे ऐसी घटनाओं की पहचान करने में विभाग को मदद मिल सकती है। योजना के तहत घरों के बाहर स्मार्ट मीटर लगाए जाने से बिजली की खपत और आपूर्ति की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि आर्मर्ड केबल लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। योजना को लागू करने के बाद बनभूलपुरा क्षेत्र में बिजली चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की उम्मीद है।
दीपावली से पहले एक ओर ऊर्जा निगम बिजली लाइनों और फीडरों के रखरखाव में जुटा है, वहीं दूसरी ओर बनभूलपुरा में बिजली चोरी रोकने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। हालांकि, मेंटेनेंस के चलते होने वाली अस्थायी कटौती से उपभोक्ताओं को कुछ समय परेशानी झेलनी पड़ सकती है, लेकिन निगम का उद्देश्य त्योहार के दौरान बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाए रखना और बिजली चोरी पर अंकुश लगाना है।










