
SIR पर कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट बोले—पात्र मतदाता का अधिकार सुरक्षित रखना जरूरी
नैनीताल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भाजपा नैनीताल के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस पर जनता के बीच भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
12 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रताप सिंह बिष्ट ने कहा कि SIR का उद्देश्य किसी पात्र नागरिक का मताधिकार छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। इस प्रक्रिया के तहत मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं की पहचान करने के साथ ही छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। पूर्व में भी कांग्रेस शासनकाल के दौरान कई बार गहन पुनरीक्षण किया जा चुका है। ऐसे में केवल मतदाताओं की संख्या में कमी या बढ़ोतरी के आधार पर पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
SIR के आंकड़ों का दिया हवाला
भाजपा जिलाध्यक्ष ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि SIR से पहले राज्य में लगभग 79.60 लाख मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण के दौरान करीब 8.27 लाख नाम ऐसे मतदाताओं की श्रेणी में चिह्नित किए गए, जिनका सत्यापन अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या अन्य कारणों से नहीं हो सका था।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में 71,33,785 मतदाता दर्ज थे। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में 1,29,872 नए नाम जोड़े गए, जबकि 1,04,708 नाम हटाए गए। इस प्रकार अंतिम मतदाता सूची में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हुए, जो प्रारूप सूची की तुलना में 25,164 अधिक हैं।
कांग्रेस से प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग
प्रताप सिंह बिष्ट ने कहा कि यदि कांग्रेस के पास फर्जी, दोहरे या अपात्र मतदाताओं से संबंधित कोई ठोस प्रमाण है, तो उसे निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। बिना प्रमाण पूरी प्रक्रिया को राजनीतिक षड्यंत्र बताना जनता को भ्रमित करने वाला कदम है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाए जाने का समर्थन नहीं करती। प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए और नाम छूटने की शिकायतों का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए। साथ ही मतदाता सूची में मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरे पंजीकरण वाले नामों की जांच भी जरूरी है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस से निराधार आरोप लगाने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से नहीं, बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराने और सुधार में सहयोग करने से सुनिश्चित होती है।
उन्होंने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी पारदर्शी चुनाव व्यवस्था, शुद्ध मतदाता सूची और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।











