धोखे से धर्म परिवर्तन पर एस सी एस टी कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

दुष्कर्म और धोखे से धर्म परिवर्तन, फिर ST-ST कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एससी एसटी कोर्ट ने धोखे से धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा और 4 लाख 56 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। एससी एसटी कोर्ट में विशेष अभियोजक पद पर तैनात विपुल राघव ने बताया कि मामला मार्च 2022 का है. इसमें गुलावठी थाने में महिला अनिता (काल्पनिक नाम) ने एक शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि अनीस नाम के युवक ने आकाश बनकर उसे बहला-फुसलाकर धोखाधड़ी करते हुए उसका धर्म परिवर्तन कराया। पीड़िता के अनुसार अनीस ने उसे अनिता से आयशा बनाकर उसके साथ धोखाधड़ी की. पीड़िता के अधिवक्ता का कहना है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म भी किया और काफी समय तक यह खेल चलता रहा। पीड़िता का यह भी कहना है कि आरोपी इस दौरान उससे ढाई लाख रुपये कैश और गले का एक चेन भी लेकर फरार हो गया। जब महिला के संज्ञान में आया कि आरोपी युवक आकाश नहीं अनीस है और वह पहले से शादीशुदा है तो उसने कानून का सहारा लिया।

धोखा देकर कराया धर्म परिवर्तन
एससी-एसटी एक्ट के तहत धोखे से धर्म परिवर्तन कराने व अन्य आरोपों को लेकर मामला दर्ज कराया. इसके बाद मामले की जांच की गई और आरोपी की गिरफ्तारी हुई. मामले में आरोपी की तरफ से भी कोर्ट में अपना पक्ष रखा गया. उधर पीड़ित महिला ने भी अपने ऊपर धर्म परिवर्तन, दुष्कर्म होने और एससी-एसटी के होने के साक्ष्य पेश किये। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर सभी धाराओं में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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