महाकुंभ भगदड़ पर बोलते हुए भर आईं CM योगी की आंखें, मृतकों के परिजनों को 25 लाख की मदद, मौत का अकड़ा हुआ 30 , 90 घायल

नई दिल्ली/लखनऊ। प्रयागराज महाकुंभ में बुधवार को मौनी अमावस्या पर मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत ने हर किसी को परेशान कर दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस घटना पर भावुक हो गए। CM योगी ने फफकते हुए कहा, “महाकुंभ में भगदड़ की घटना दुखद है। उन सभी परिजनों के प्रति हमारी पूरी संवेदना है।”

योगी सरकार ने महाकुंभ भगदड़ में मृतकों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। CM ने इसके साथ ही महाकुंभ भगदड़ की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। योगी आदित्यनाथ ने भावुक होते हुए कहा, “हम लोग रात से ही मेला प्रशासन के साथ संपर्क में हैं। प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन, NDRF, SDRF और भी अन्य जितने भी व्यवस्थाएं हो सकती थीं, उन सबको मेला क्षेत्र में तैनात किया गया है।”

घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “सरकार ने फैसला लिया है कि घटना की न्यायिक जांच कराई जाएगी। इसके लिए हमने जस्टिस हर्ष कुमार, पूर्व DG वीके गुप्ता और रिटायर्ड IAS डीके सिंह की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है।”

PM मोदी-गृहमंत्री से मिलते रहे निर्देश
यूपी के CM ने बताया, “पूरे घटनाक्रम पर CM कंट्रोल रूम, चीफ सेक्रेटरी कंट्रोल रूम और DIG कंट्रोल रूम से दिन भर बैठकें चलती रहीं। सुबह से ही घटनाओं को लेकर प्रशासन से लगातार संवाद होता रहा। हमें इस घटना पर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, राज्यपाल आनंदी बेन और अन्य लोगों से जरूरी दिशा-निर्देश प्राप्त होते रहे हैं ।”

मेला प्रशासन ने जारी किया मृतकों और घायलों का आंकड़ा

इससे पहले मेला प्रशासन ने भगदड़ के करीब 17 घंटे बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मृतकों और घायलों का आंकड़ा जारी किया। महाकुंभ मेला प्रशासन ने बताया कि भगदड़ में 30 लोगों की जान जा चुकी है। कुल 90 लोग घायल हुए थे। 60 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में 25 लोगों की पहचान की गई है। DIG महाकुंभ नगर मेला क्षेत्र वैभव कृष्ण ने बताया कि आखिर संगम तट पर भगदड़ कैसे मच गई थी।

DIG महाकुंभ ने बताया कैसे मची थी भगदड़
DIG वैभव कृष्ण ने बताया, “मंगलवार रात 1 से 2 बजे के बीच बहुत भीड़ हो गई थी। कुछ श्रद्धालु मौनी अमावस्या पर ब्रम्ह मुहूर्त में अमृत स्नान के लिए संगम तट पर ही सोए हुए थे। मेले में बैरिकेड्स लगे हैं। घाट पर कुछ बैरिकेड्स टूट गए, जिसकी वजह से जमीन पर सो रहे कुछ श्रद्धालु अफरातफरी में चढ़ गए। कुचलने से जो घायल हो गये, उनमें से कुछ की मौत हो गई।”

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