एलपीजी और ईंधन की कमी की अफवाहों पर प्रशासन सख्त, एसएसपी मंजूनाथ टीसी बोले—नैनीताल में आपूर्ति पूरी तरह सुचारु

नैनीताल। मध्य एशिया में चल रहे तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर नैनीताल पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया है कि जनपद नैनीताल सहित पूरे उत्तराखंड में एलपीजी और ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है तथा पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अफवाह फैलाने, जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि शासन के निर्देश पर मुख्य सचिव, डीजीपी और गृह सचिव द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और आपूर्ति अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की गई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि उत्तराखंड में एलपीजी का 2 से 3 सप्ताह से अधिक का स्टॉक पहले से उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार समेत विभिन्न जिलों में स्थित बड़े बॉटलिंग प्लांटों में निरंतर उत्पादन जारी है। राज्य न केवल अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि अन्य राज्यों को भी एलपीजी की आपूर्ति कर रहा है।

एसएसपी ने चेतावनी दी कि यदि कोई डीलर या डिस्ट्रीब्यूटर ब्लैक मार्केटिंग, जमाखोरी या ओवररेटिंग में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (EC Act) और बीएनएस/बीएनएसएस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही संबंधित एजेंसी की डीलरशिप रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

ईंधन की आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। थानों और सर्किल स्तर पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया गया है, जिसमें तहसीलदार, एसडीएम और सीओ शामिल हैं। ये टीमें गैस एजेंसियों का निरीक्षण करेंगी और आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखेंगी।

पुलिस द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि ईंधन के ट्रकों और टैंकरों को नुकसान पहुंचाने या अवैध गतिविधियों में शामिल तत्वों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर अनावश्यक बुकिंग न करें। यदि किसी को एलपीजी या ईंधन आपूर्ति से संबंधित कोई समस्या हो तो वे आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

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