उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार, विपक्ष का प्रदर्शन; सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा भवन की सीढ़ियों पर बैठकर प्रदर्शन किया और प्रदेश में कानून व्यवस्था समेत विभिन्न जन समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा।

सत्र के दौरान सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी रही। विपक्षी विधायकों ने तख्तियां लेकर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए और सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह और तिलक राज बेहड़ ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और कांग्रेस इस गंभीर मुद्दे पर सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहती है।

वहीं उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए। साथ ही बजट पर विभागवार चर्चा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि विकास कार्यों के लिए बजट का सही तरीके से उपयोग हो। विपक्ष ने नियम 310 के तहत कानून व्यवस्था का मुद्दा भी सदन में उठाते हुए इस पर चर्चा की मांग की।

इस बीच भाजपा विधायक महंत दिलीप रावत ने गैरसैंण में मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब तक गैरसैंण में आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक यहां नियमित रूप से सत्र आयोजित करना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है, लेकिन अभी भी कई सुविधाओं को विकसित किए जाने की जरूरत है।

गौरतलब है कि संसदीय इतिहास में पहली बार सत्र के पहले दिन ही बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट सदन में प्रस्तुत किया था। अब बजट और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है।

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