लालकुआँ में अवैध शराब पर उबाल: 7 दिन की चेतावनी, उग्र आंदोलन की तैयारी

लालकुआँ। लालकुआँ विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब का फैलता नेटवर्क अब जनआक्रोश में बदलता दिख रहा है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी गली-मोहल्लों तक खुलेआम बिक रही कथित अवैध शराब को लेकर सामाजिक संगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

क्षेत्रीय जन समस्या निवारण संघर्ष समिति के संयोजक पियूष जोशी के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं और कांग्रेस नेताओं ने कोतवाल बृजमोहन राणा को ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ, जिलाधिकारी नैनीताल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को भी भेजी गई है, जिससे मामला उच्च प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार बेखौफ चल रहा है और इसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उनका कहना है कि नशे की आसान उपलब्धता से युवा वर्ग तेजी से इसकी गिरफ्त में आ रहा है, जिससे परिवारों में कलह, आर्थिक तंगी और अपराध की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।

आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि पुलिस चौकियों और नाकों की मौजूदगी के बावजूद शराब माफिया गांव-गांव तक कैसे पहुंच रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

वहीं, एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने कहा कि पुलिस अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है और अब चिन्हित माफियाओं के खिलाफ गुंडा एक्ट व जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

फिलहाल, लालकुआँ में अवैध शराब का मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा प्रश्न बन गया है। अब सबकी नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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