
रीठागाड क्षेत्र के रीमगाडा भगवती मंदिर पुरुषों की तरह छै दिवसीय महिला खड़ी होली महोत्सव
अल्मोड़ा । रीठागाड पट्टी के रीमगाडा भगवती मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी छै दिवसीय महिला होली कार्यक्रम में महिला खड़ी होली की धूम रही। कनारीछीना,रीम, पिपल खेत, पतलचौरा,बिनूक आदि गांवों के लोककलाकार महिला समूह के द्वारा होली महोत्सव में सामिल रहे। ये महिला समूह हर साल छै दिवसीय होली महोत्सव व एक दिवसीय सातों आठों गवरा देवी महोत्सव इस भगवती मंदिर करती है। इस महिला होली महोत्सव क्षेत्रीय महिला लोककलाकार पार्वती देवी व मुन्नी भट्ट के संचालन में किया जाता है। प्रताप सिंह नेगी समाजिक कार्यकर्ता ने बताया आज से 31 साल पहले इन चार पांच गांवों के पुरुषों के द्वारा रंगारंग होली महोत्सव कार्यक्रम मनाया जाता था । ये होली रीठागाड क्षेत्र की सबसे मशहूर होली मानी जाती थी । दूर दूर के लोग इस होली का आनन्द लेने आया करते थे ।
वैसे भी रीठागाड को रंगली रीठागाड बोला जाता है। इसी रीठागाड क्षेत्र के लोककलाकार मोहन सिंह रीठागाडी व प्रताप सिंह रीठागाडी जो कुमाऊं मंडल के झोड़ा चांचरी छबेली, न्योली व रजुला मालू शाही के गाथा के सम्राट माने जाते थे। आज 31साल से इन महिलाओं ने होली महोत्सव को जिंदा रखा है। प्रताप सिंह नेगी का कहना है इन चार पांच गांवों का पलायन होने के बाबजूद भी हमारी मातृभूमि की महिलाओं ने अपनी संस्कृति को धरोहर के तौर पर नये युवा पीढ़ी उजागर किया है। सभी महिलाओं की प्रसंशा करते यही कहा है जैसे ये महिला समूह ने पुरुषों की होली बंद होने पर ख़ुद यह होली महोत्सव का बीड़ा उठाया ।
छै दिवसीय महिला होली महोत्सव में महिला समूह के द्वारा अपने – अपने स्तर से चंदा ईगठ्ठा किया जाता है । उस चंदे को एकटठा करके छैरणी खेलकर शाम होली भंडारा का समान लाकर अगले दिन भंडारा आयोजित करके सभी के परिवार जनों को निमंत्रण दिया जाता है। और अपने अपने रिश्तेदारों को भी यह होली महोत्सव का प्रसाद वितरित किया जाता है।
