
नैनीताल जिले में आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता के चलते 3 दिन स्कूल-आंगनबाड़ी बंद
नैनीताल। जनपद नैनीताल के विकासखण्ड धारी, ओखलकाण्डा और रामगढ़ क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता की सूचनाओं के बीच बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन तीनों विकासखण्डों में संचालित सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार, इन क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचने के लिए बच्चों को सुनसान मार्गों, पगडंडियों और वन क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे छोटे बच्चों और स्कूली छात्रों की जान-माल को गंभीर खतरा बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत जिला मजिस्ट्रेट को प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया है।
जारी आदेश के तहत विकासखण्ड धारी, ओखलकाण्डा और रामगढ़ में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 जनवरी 2026 से 17 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश छात्रों के साथ-साथ आंगनबाड़ी बच्चों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अवधि में किसी भी बच्चे को विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र में न बुलाया जाए। साथ ही वन विभाग, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। हालात सामान्य होने पर आगे का आदेश अलग से जारी किया जाएगा।
मुख्य शिक्षाधिकारी, जनपद नैनीताल एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, नैनीताल को निर्देशित किया गया है कि इस आदेश की सूचना समय रहते सभी संबंधित विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और बच्चों के अभिभावकों तक पहुंचाई जाए। आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।










