
देहरादून में 25 स्मार्ट वेंडिंग जोन की तैयारी, जाम से राहत और हजारों को मिलेगा स्वरोजगार
देहरादून। शहर में जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने की दिशा में नगर निगम देहरादून ने एक अहम पहल की है। नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 25 स्मार्ट वेंडिंग जोन विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए भूमि अनुभाग स्तर पर स्थलों की सूची तैयार कर लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को भेज दी गई है, जहां वेंडिंग जोन निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं।
देहरादून में गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य चौराहों और बाजारों तक रेहड़ी-ठेलियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सड़क और फुटपाथों पर अवैध रूप से खड़ी इन ठेलियों के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
नगर निगम एक ओर अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर फल-सब्जी विक्रेताओं और छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। प्रस्तावित स्मार्ट वेंडिंग जोन बनने से जहां हजारों जरूरतमंद लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं अवैध ठेली संचालकों पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
स्मार्ट वेंडिंग जोन विकसित होने से सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या में कमी आएगी और शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। फिलहाल शहर में छह नंबर पुलिया, पटेलनगर और जाखन क्षेत्र में कुल तीन स्मार्ट वेंडिंग जोन संचालित हो रहे हैं। इन जोन में फल और सब्जी के खोखों के लिए निर्धारित किराया लागू है, और नगर निगम के अनुसार नए बनने वाले सभी वेंडिंग जोन में भी यही नियम प्रभावी रहेंगे।
इन क्षेत्रों में बनेंगे स्मार्ट वेंडिंग जोन
नगर निगम द्वारा राजपुर रोड, चकराता रोड, लालपुल, रायपुर रोड, बंजारावाला और तपोवन रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। यातायात पुलिस के साथ संयुक्त सर्वे के बाद राजपुर, आरकेडिया, मोहकमपुर, हर्रावाला, नवादा और बंजरावाला जैसे क्षेत्रों में स्थान चिह्नित किए गए हैं।
15 हजार ठेलियां, लाइसेंस सिर्फ 1800
शहर में अनुमानित रूप से करीब 15 हजार रेहड़ी-ठेलियां संचालित हो रही हैं, जबकि इनके मुकाबले केवल लगभग 1800 लाइसेंस ही जारी किए गए हैं। अधिकांश ठेलियां सड़क किनारे स्थायी रूप से खड़ी रहती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।
नियमों के अनुसार फल-सब्जी ठेली का लाइसेंस चलती-फिरती ठेली के लिए दिया जाता है, जबकि वेंडिंग जोन के बाहर स्थायी रूप से खड़ी ठेलियां अवैध मानी जाती हैं। यही स्थिति शहर में बढ़ते जाम की प्रमुख वजह बन रही है।









