
अंकिता भंडारी केस में बड़ा मोड़: दुष्यंत गौतम ने दर्ज कराई FIR, VIP एंगल पर सबूत किए सार्वजनिक
देहरादून/नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने खुद को “VIP एंगल” से जोड़ने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बड़ा कानूनी कदम उठाया है। गौतम ने न सिर्फ देहरादून के डालनवाला थाने में एफआईआर दर्ज कराई, बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि याचिका भी दाखिल की है।
पूर्व विधायक समेत कई राजनीतिक दलों पर FIR
दुष्यंत गौतम की शिकायत पर पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर, उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर, कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (UKD), आम आदमी पार्टी (AAP) तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
गौतम का आरोप है कि इन लोगों ने सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत सोशल मीडिया पर झूठे, भ्रामक और आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो वायरल कर उन्हें और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को बदनाम करने की कोशिश की।
“दंगे भड़काने और शांति भंग करने की साजिश”
प्रदेश प्रभारी ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में कहा कि वायरल किए जा रहे वीडियो में न सिर्फ अभद्र भाषा का प्रयोग हुआ है, बल्कि उनका नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़कर उत्तराखंड में दंगे फैलाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा अभियान राजनीतिक लाभ लेने और संवेदनशील मामले को राजनीतिक हथियार बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
आईटी एक्ट और BNS की कई धाराओं में केस
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 66D, 66E तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2), 356(3), 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में पेश किए लोकेशन के सबूत
दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल मानहानि याचिका में दुष्यंत गौतम ने सितंबर 2022 के दौरान अपनी लोकेशन से जुड़े दस्तावेज और सोशल मीडिया रिकॉर्ड पेश किए हैं।
उनके अनुसार—
10–15 सितंबर 2022: नई दिल्ली
16 सितंबर: उत्तर प्रदेश
17–18 सितंबर: नई दिल्ली
19 सितंबर: उड़ीसा
20 सितंबर: नई दिल्ली
गौतम ने याचिका में स्पष्ट किया कि उत्तराखंड पुलिस और SIT पहले ही जांच में यह साफ कर चुकी है कि इस मामले में किसी भी VIP की कोई भूमिका नहीं है। बावजूद इसके, जानबूझकर उनका नाम घसीटा गया।
“मीडिया ट्रायल” पर भी उठाए सवाल
याचिका में सोशल मीडिया पर चल रहे तथाकथित “मीडिया ट्रायल” पर सवाल उठाते हुए अदालत से अपील की गई है कि
झूठे और मानहानिकारक कंटेंट को तुरंत हटाया जाए
बिना सबूत आरोप लगाने वालों पर रोक लगाई जाए
अंकिता भंडारी केस: अब तक की प्रमुख घटनाएं
18 सितंबर 2022: अंकिता भंडारी वनंतरा रिसॉर्ट से लापता
19 सितंबर 2022: गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज
20 सितंबर 2022: राजस्व पुलिस में शिकायत
21 सितंबर 2022: तीन आरोपी गिरफ्तार
23 सितंबर 2022: आरोपियों को न्यायिक हिरासत
24 सितंबर 2022: चीला नहर बैराज से अंकिता का शव
बरामद
24 सितंबर 2022: DIG के नेतृत्व में SIT गठित
19 दिसंबर 2022: तीनों आरोपियों के खिलाफ 500 पेज की चार्जशीट दाखिल









