
यूरोप का दुर्लभ पक्षी ‘हाफिन्च’ पहली बार भारत में दर्ज, पाक सीमा लांघकर पहुंचा कॉर्बेट पार्क
रामनगर। परिंदों के लिए भले ही सरहदें मायने न रखती हों, लेकिन यूरोप और पश्चिम एशिया में पाया जाने वाला दुर्लभ पक्षी हाफिन्च पहली बार पाकिस्तान की सीमा पार कर भारत पहुंच गया है। कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला जोन में इसकी दस्तक ने पक्षी वैज्ञानिकों को रोमांचित कर दिया है। इससे पहले यह प्रजाति केवल पाकिस्तान में दो बार—1908 व 2017—में ही रिकॉर्ड हुई थी।
कॉर्बेट में सर्दियों की शुरुआत के साथ कोसी बैराज और रामगंगा नदी किनारे हर साल हजारों मील का सफर तय कर प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इसी क्रम में 22 नवंबर को ढेला जोन में पहली बार हाफिन्च दिखाई दिया। पक्षी विशेषज्ञ प्रशांत कुमार, जिन्होंने इसे कैमरे में कैद किया, के अनुसार यह पक्षी सामान्यतः यूरोप और पश्चिम एशिया में पाया जाता है और छोटे फलों को खाता है। उनका कहना है कि इसका भारत आना लंबी दूरी की प्रवास प्रणाली में हो रहे बदलाव का संकेत हो सकता है।
पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में बदलाव, भोजन की उपलब्धता और ऊंचाई वाले क्षेत्रों से आने वाले पक्षी-झुंडों के साथ मिश्रण इसकी उपस्थिति के संभावित कारण हो सकते हैं। 2017 में पाकिस्तान के आलियाबाद क्षेत्र में इसकी अंतिम बार उपस्थिति दर्ज की गई थी।
कॉर्बेट पार्क प्रशासन भी इस नई प्रविष्टि को लेकर सतर्क है। पार्क के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि दुर्लभ मेहमान के आगमन पर नजर रखी जा रही है और पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। वहीं ढेला रेंजर भानु प्रकाश हर्बोला का कहना है कि कोसी और रामगंगा नदियों के बीच बसे कॉर्बेट का 1288 वर्ग किमी क्षेत्र जैव-विविधता से भरपूर है, जहां हर साल सुर्खाब, ब्लैक स्टॉर्क, वॉल कीपर और पिनटेल जैसी प्रजातियाँ बड़ी संख्या में पहुंचती हैं।
हाफिन्च का यह पहला भारतीय रिकॉर्ड पक्षी-विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है और भविष्य के अध्ययन के लिए नए संकेत छोड़ गया है।










