
मनरेगा पर कटौती के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, 11 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा ‘मनरेगा बचाओ अभियान’
हल्द्वानी। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने और इसके अधिकारों में की जा रही कटौती के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में “मनरेगा बचाओ अभियान” शुरू किया है। इसी कड़ी में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 11 जनवरी से 25 फरवरी तक चरणबद्ध जन आंदोलन चलाने का ऐलान किया है।
शनिवार को स्वराज आश्रम, हल्द्वानी में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में नैनीताल जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल छिमवाल और हल्द्वानी महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा जारी की। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को जिला और महानगर मुख्यालयों पर एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन के साथ मनरेगा बचाओ संघर्ष का शंखनाद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 12 जनवरी से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल, जनसंवाद और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण जनता, मजदूरों, किसानों और महिलाओं को मनरेगा से जुड़े उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इसके बाद 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने, बजट में वृद्धि करने तथा मजदूरों को समय पर रोजगार और भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तर पर ‘मनरेगा बचाओ यात्रा’ निकाली जाएगी। वहीं 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव किया जाएगा। अभियान का समापन 16 फरवरी से 25 फरवरी तक क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित समापन रैलियों के साथ किया जाएगा।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि मनरेगा गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास देश के करोड़ों मेहनतकश परिवारों के भविष्य पर सीधा हमला है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल और महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि नैनीताल जिला और हल्द्वानी महानगर में कांग्रेस इस अभियान को पूरी मजबूती के साथ जनता के बीच ले जाएगी और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जन आवाज बुलंद करेगी। प्रेसवार्ता में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनोज शर्मा और एडवोकेट रंजीत डसीला भी मौजूद रहे।









