गौवंश सिर प्रकरण में बड़ा खुलासा: भड़काऊ पोस्ट से माहौल बिगाड़ने पर हिंदूवादी नेता विपिन पांडे गिरफ्तार

हल्द्वानी। 18 नवंबर को उजाला नगर में धार्मिक स्थल के सामने गौवंश का सिर मिलने के बाद भड़के बवाल मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिंदूवादी नेता विपिन पांडे को गुरुवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने फेसबुक के जरिए भड़काऊ पोस्ट डालकर माहौल को और तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की। फिलहाल कोतवाली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, जबकि तनाव की आशंका देखते हुए पुलिस बल को तैनात किया गया है।

एसआई आरती वाल्मिकी ने दी तहरीर
मामले में कार्रवाई कोतवाली की एसआई आरती वाल्मिकी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर की गई है। तहरीर में कहा गया है कि 18 नवंबर को उजालानगर के उजालेश्वर महादेव मंदिर के पास गौवंश का सिर मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया था। पुलिस ने तत्काल स्थिति पर नियंत्रण करते हुए शांति बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद फेसबुक पर भड़काऊ पोस्ट डालकर सामाजिक माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

तीन लोगों पर लगाए गए आरोप
तहरीर में विपिन चंद्र पांडे, यतिन पांडे और अतुल गुप्ता पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार इन पोस्ट्स के कारण लोगों में तनाव बढ़ा और विवाद फिर से उग्र होने की स्थिति पैदा हुई। इसी के बाद गुरुवार देर शाम हिंदूवादी नेता विपिन पांडे को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद कोतवाली के आसपास सुरक्षा को देखते हुए भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दिया गया है।

गौवंश का सिर मिलने के बाद बिगड़ा था माहौल
18 नवंबर को धार्मिक स्थल के सामने गौवंश का सिर मिलने की खबर सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैली। कुछ ही मिनटों में उजाला नगर क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंच गए और जालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोश बढ़ने पर भीड़ ने आसपास मुस्लिम समुदाय से जुड़े एक होटल के बाहर कथित रूप से पथराव भी किया। हालात बिगड़ने पर लोगों को लगभग छह घंटे तक घरों में कैद रहना पड़ा।

CCTV फुटेज से खुला सच
बवाल के बाद पुलिस ने क्षेत्र के CCTV फुटेज खंगाले, जिसमें स्पष्ट हुआ कि एक कुत्ता कहीं से बछड़े का सिर उठाकर लाया था और उसे धार्मिक स्थल के पास छोड़ गया। शुरुआती हंगामे के दौरान यह जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच सकी और सांप्रदायिक तनाव फैल गया।

पुलिस मामले की गंभीर जांच कर रही है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट को लेकर आगे और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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