कांग्रेस नेता हरीश रावत का सरकार पर हमला, गन्ना मूल्य में देरी पर 27 नवंबर को रखेंगे मौन उपवास

देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार पर गन्ना खरीद मूल्य घोषित करने में लगातार हो रही देरी को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार गन्ना किसानों की मेहनत को नज़रअंदाज़ कर रही है।
रावत ने कटाक्ष करते हुए कहा, “गन्ना चूसना तो ठीक है, लेकिन किसानों को चूसना ठीक नहीं। किसानों की मेहनत को चूसा जा रहा है।”

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी सरकार ने समय पर गन्ना खरीद मूल्य घोषित नहीं किया था, और इस वर्ष फिर वही स्थिति दोहराई जा रही है। किसान पुराने दर पर गन्ना बेचने को मजबूर हैं और नए खरीद मूल्य की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही गन्ने का खरीद मूल्य घोषित कर चुकी है, लेकिन उत्तराखंड के किसान अब भी प्रतीक्षा में हैं।

हरीश रावत ने कहा कि गन्ना किसानों को उनका उचित हक मिलना चाहिए और गन्ने का मूल्य कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि सरकार की इस देरी के विरोध में वह 27 नवंबर को अपने आवास पर मौन उपवास रखकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे।

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