
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में जनजाति गौरव दिवस का भव्य आयोजन, आदिवासी नायकों के योगदान पर हुई विशेष चर्चा
हल्द्वानी। दिनांक 15 नवंबर 2025 को उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के एससी/एसटी प्रकोष्ठ एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जनजाति गौरव दिवस का टाउन हॉल कार्यक्रम अत्यंत भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में आदिवासी नायकों के योगदान, उनके आदर्शों, संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना था, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनकी त्याग-बलिदान की परंपरा से प्रेरणा ले सकें।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय सभागार में किया गया। माननीय कुलपति, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत प्रो. पी. डी. पन्त, निदेशक अकादमिक एवं अध्यक्ष समान अवसर प्रकोष्ठ ने किया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जैसे जनजातीय नायकों के जीवन, संघर्ष और संस्कृति को समझना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रो. रेनू प्रकाश, निदेशक समाज विज्ञान विद्याशाखा ने प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जनजाति गौरव दिवस आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत, संस्कृति एवं परंपराओं के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है।
विशिष्ट अतिथियों का परिचय डॉ. ज्योति रानी द्वारा कराया गया। विशिष्ट अतिथि आभा गर्खाल, वित्त नियंत्रक, जीबी पंत विश्वविद्यालय पंतनगर ने कहा कि भारत में हर वर्ष 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में जनजाति गौरव दिवस मनाया जाता है। आदिवासी समुदाय भारतीय समाज का अभिन्न अंग है जो सदैव प्रकृति पूजक रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तथा मैत्री आंदोलन के प्रणेता, पद्मश्री डॉ. कल्याण सिंह रावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनजाति समाज प्रकृति का आधार है और इनके संरक्षण हेतु प्रभावी प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि जैव-संसाधन केंद्रों को मजबूत करना आजीविका सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए माननीय कुलपति प्रो. नवीन चन्द लोहनी ने कहा कि जनजातीय नायक भारत की सांस्कृतिक धरोहर के आधार स्तंभ हैं और उनका योगदान राष्ट्र निर्माण के लिए अमूल्य है।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रो. पी. के. सहगल, निदेशक विज्ञान विद्याशाखा एवं नोडल अधिकारी एससी/एसटी प्रकोष्ठ ने किया। संचालन डॉ. नागेंद्र गंगोला ने किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशकगण, प्राध्यापक एवं अनेक गणमान्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. डिगर सिंह, डॉ. ज्योति रानी, डॉ. राजेन्द्र क्वीरा, डॉ. गोपाल सिंह गौनिया, डॉ. नीरज कुमार जोशी, श्रीमती शैलजा, डॉ. किशोर कुमार, श्रीमती भावना धौनी, डॉ. नमिता वर्मा, डॉ. द्विजेश उपाध्याय, श्री तरुण नेगी, श्री राजेश आर्या, श्री मोहित, विभु काण्डपपाल, श्री हरीश गोयल, श्रीमती सुनीता भाष्कर, रेनू भट्ट, ज्योति शर्मा, श्री नवीन जीशी सहित विश्वविद्यालय के अनेक लोग उपस्थित रहे।










