
उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही: 3 जिलों में हाहाकार, एक महिला की मौत, कई लापता – CM धामी ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर आसमान से आफत बरसी है। रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। पहाड़ों से आया मलबा घरों में घुस गया, कई रास्ते टूट गए और लोग खौफ में हैं।
रुद्रप्रयाग जिले के टेंडवाल गांव में मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 18 से 20 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, चमोली के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में मकान टूटने से पति-पत्नी लापता हो गए और दो लोग घायल हुए हैं। हादसे में 20 से अधिक मवेशी मलबे में दब गए।
ग्रामीण बने मददगार
बारिश और भूस्खलन से राहत दल गांव तक नहीं पहुंच पाए, तो मोपाटा गांव में ग्रामीण खुद राहत और बचाव कार्य में जुट गए। वहीं, रुद्रप्रयाग के स्यूर क्षेत्र में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन बह गए। बड़ेथ, बगडधार और तालजामनी गांवों के दोनों ओर गदेरे में मलबा भर गया।
टिहरी के भिलंगना ब्लॉक का हाल
टिहरी जिले के गेंवाली गांव में भी बादल फटने की घटना हुई। हालांकि यहां किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन कृषि भूमि, पेयजल और विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। कई पैदल पुलिया और रास्ते भी टूट गए हैं।
कर्णप्रयाग में पहाड़ से आया मलबा
कर्णप्रयाग के कालेश्वर और सुभाषनगर क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बीच पहाड़ से भारी मलबा और बोल्डर गिर गए। इससे लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए और मुख्य सड़कें अवरुद्ध हो गईं।
स्कूलों में अवकाश घोषित
भारी बारिश को देखते हुए चमोली जिले के सभी स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। देवाल और थराली ब्लॉक में जगह-जगह रास्ते टूटने से आवाजाही बाधित है।
CM धामी की सख्त निगरानी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रभावित जिलों के DM से बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को मूलभूत सुविधाएं तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।